धान (Rice), मुख्य मौसम: ख़रीफ़ (पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में रबी/बोरो भी)। जून–जुलाई में रोपाई, अक्टूबर–नवंबर में कटाई। प्रमुख उत्पादक राज्य: पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश। मिट्टी का आदर्श pH 6.0–7.0 और पूरे मौसम की पानी की जरूरत लगभग 1200 मिमी है।

धान भारत की सबसे महत्वपूर्ण खाद्य फसल है और देश के सबसे अधिक सिंचाई-पानी की खपत वाली फसलों में से एक भी। खड़े पानी की पारंपरिक पद्धति में जरूरत से 30–40% अधिक पानी लग जाता है,यहीं हर हफ़्ते खेत पर नज़र रखना सबसे बड़ा फर्क लाता है। हर हफ़्ते खेत की उपग्रह तस्वीर और मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई अंदाज़े की बजाय ज़रूरत के हिसाब से की जा सकती है।

बुवाई कैलेंडर और मौसम

धान का मुख्य मौसम ख़रीफ़ (पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में रबी/बोरो भी) है। जून–जुलाई में रोपाई, अक्टूबर–नवंबर में कटाई। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, आंध्र प्रदेश, इन राज्यों में यह फसल सबसे बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है। विस्तृत राज्यवार जानकारी के लिए हमारी क्षेत्रीय स्मार्ट खेती गाइड देखें।

सिंचाई और मिट्टी की नमी

धान के लिए मिट्टी का आदर्श pH 6.0–7.0 है और पूरे मौसम में लगभग 1200 मिमी पानी की जरूरत होती है। हर हफ़्ते खेत की उपग्रह तस्वीर और मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई अंदाज़े की बजाय ज़रूरत के हिसाब से की जा सकती है।

प्रमुख रोग और कीट

VarshaKrishi कैसे मदद करता है

VarshaKrishi उपग्रह चित्रों (Sentinel-2, बादलों के पार देखने वाला Sentinel-1 रडार) और मौसम के आधार पर आपके अपने खेत के बारे में हर हफ़्ते एक WhatsApp संदेश भेजता है: खेत में क्या बदला, मौसम क्या कहता है, और इस हफ़्ते क्या जाँचें। खेत में कुछ लगाने की ज़रूरत नहीं। देखें सेवा हर किसान के लिए मुफ़्त है।

फसल सलाह WhatsApp पर: आपके खेत की हर हफ़्ते की जानकारी। यह संदेश कैसे बनता है और उपग्रह क्या नहीं देख सकता: तरीक़े और सीमाएँ (अंग्रेज़ी में)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

धान कब बोयें?

मुख्य ख़रीफ़ मौसम में नर्सरी मई–जून में डाली जाती है और रोपाई जून–जुलाई में होती है। पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में रबी/बोरो धान भी लिया जाता है। सही समय आपके क्षेत्र के मानसून पर निर्भर करता है,मानसून की बारिश और खेत की स्थिति देखकर रोपाई की सही तारीख तय की जा सकती है।

धान को कितने पानी की जरूरत होती है?

पूरे मौसम में धान को लगभग 1200 मिमी पानी चाहिए। हर हफ़्ते खेत की उपग्रह तस्वीर और मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई अंदाज़े की बजाय ज़रूरत के हिसाब से की जा सकती है।

धान की निगरानी में उपग्रह कैसे मदद करता है?

VarshaKrishi उपग्रह चित्रों (Sentinel-2, बादलों के पार देखने वाला Sentinel-1 रडार) और मौसम के आधार पर आपके अपने खेत के बारे में हर हफ़्ते एक WhatsApp संदेश भेजता है: खेत में क्या बदला, मौसम क्या कहता है, और इस हफ़्ते क्या जाँचें। खेत में कुछ लगाने की ज़रूरत नहीं। देखें सेवा हर किसान के लिए मुफ़्त है।

अंग्रेज़ी में गाइड पढ़ें: Rice farming guide