आलू (Potato), मुख्य मौसम: रबी। अक्टूबर–नवंबर में रोपाई, जनवरी–मार्च में खुदाई। प्रमुख उत्पादक राज्य: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार। मिट्टी का आदर्श pH 5.0–6.0 और पूरे मौसम की पानी की जरूरत लगभग 500 मिमी है।
आलू रबी की सबसे अधिक निवेश वाली फसलों में है, बीज, खाद और सिंचाई की लागत ऊँची है, इसलिए जोखिम-प्रबंधन ही मुनाफे की कुंजी है। हर हफ़्ते खेत की उपग्रह तस्वीर और मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई अंदाज़े की बजाय ज़रूरत के हिसाब से की जा सकती है।
बुवाई कैलेंडर और मौसम
आलू का मुख्य मौसम रबी है। अक्टूबर–नवंबर में रोपाई, जनवरी–मार्च में खुदाई। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, इन राज्यों में यह फसल सबसे बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है। विस्तृत राज्यवार जानकारी के लिए हमारी क्षेत्रीय स्मार्ट खेती गाइड देखें।
सिंचाई और मिट्टी की नमी
आलू के लिए मिट्टी का आदर्श pH 5.0–6.0 है और पूरे मौसम में लगभग 500 मिमी पानी की जरूरत होती है। हर हफ़्ते खेत की उपग्रह तस्वीर और मौसम पूर्वानुमान देखकर सिंचाई अंदाज़े की बजाय ज़रूरत के हिसाब से की जा सकती है।
प्रमुख रोग और कीट
- मौसम पर नज़र रखकर जोखिम वाले दिनों में फसल की जाँच करें; कोई भी दवा कृषि विशेषज्ञ या KVK की सलाह से ही डालें।
- अगेती झुलसा (Early blight), तनावग्रस्त पौधों पर पहले हमला करती है; पोषण और नमी की निगरानी तनाव का कारण ही हटा देती है।
VarshaKrishi कैसे मदद करता है
VarshaKrishi उपग्रह चित्रों (Sentinel-2, बादलों के पार देखने वाला Sentinel-1 रडार) और मौसम के आधार पर आपके अपने खेत के बारे में हर हफ़्ते एक WhatsApp संदेश भेजता है: खेत में क्या बदला, मौसम क्या कहता है, और इस हफ़्ते क्या जाँचें। खेत में कुछ लगाने की ज़रूरत नहीं। देखें सेवा हर किसान के लिए मुफ़्त है।
फसल सलाह WhatsApp पर: आपके खेत की हर हफ़्ते की जानकारी। यह संदेश कैसे बनता है और उपग्रह क्या नहीं देख सकता: तरीक़े और सीमाएँ (अंग्रेज़ी में)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आलू कब बोयें?
मैदानी क्षेत्रों में अक्टूबर के मध्य से नवंबर के मध्य तक रोपाई आदर्श है, जब मिट्टी का तापमान 18–20°C तक उतर आता है। अच्छे अंकुरित बीज-कंद और 5–7 सेमी गहराई मानक है।
आलू को कितने पानी की जरूरत होती है?
आलू को मौसम में लगभग 500 मिमी पानी चाहिए। कंद बनने की अवस्था (30–60 दिन) में एकसमान नमी सबसे जरूरी है, कमी से कंद फटते हैं, अधिकता से सड़न आती है।
आलू की निगरानी में उपग्रह कैसे मदद करता है?
VarshaKrishi उपग्रह चित्रों (Sentinel-2, बादलों के पार देखने वाला Sentinel-1 रडार) और मौसम के आधार पर आपके अपने खेत के बारे में हर हफ़्ते एक WhatsApp संदेश भेजता है: खेत में क्या बदला, मौसम क्या कहता है, और इस हफ़्ते क्या जाँचें। खेत में कुछ लगाने की ज़रूरत नहीं। देखें सेवा हर किसान के लिए मुफ़्त है।
अंग्रेज़ी में गाइड पढ़ें: Potato farming guide