कपास (Cotton) — मुख्य मौसम: ख़रीफ़। अप्रैल–जून में बुवाई, अक्टूबर–जनवरी में चुनाई। प्रमुख उत्पादक राज्य: गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना। मिट्टी का आदर्श pH 5.8–8.0 और पूरे मौसम की पानी की जरूरत लगभग 700 मिमी है।
कपास भारत की सबसे महत्वपूर्ण रेशा फसल है, और इसका सबसे बड़ा दुश्मन है गुलाबी सुंडी। कपास में सिंचाई और कीट-प्रबंधन दोनों का समय डिग्री-डे (तापमान संचय) से तय होता है — यानी खेत का अपना तापमान डेटा सीधे मुनाफे से जुड़ा है। फूल और टिंडा बनने की अवस्था में पानी का तनाव पैदावार को सबसे ज्यादा गिराता है।
बुवाई कैलेंडर और मौसम
कपास का मुख्य मौसम ख़रीफ़ है। अप्रैल–जून में बुवाई, अक्टूबर–जनवरी में चुनाई। गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना — इन राज्यों में यह फसल सबसे बड़े क्षेत्र में उगाई जाती है। विस्तृत राज्यवार जानकारी के लिए हमारी क्षेत्रीय स्मार्ट खेती गाइड देखें।
सिंचाई और मिट्टी की नमी
कपास के लिए मिट्टी का आदर्श pH 5.8–8.0 है और पूरे मौसम में लगभग 700 मिमी पानी की जरूरत होती है। मिट्टी की नमी (VWC) मापने वाले कैपेसिटिव सेंसर जड़-क्षेत्र की वास्तविक नमी दिखाते हैं, जिससे सिंचाई अंदाज़े की बजाय जरूरत के हिसाब से होती है। कितना पानी और पैसा बच सकता है, यह हमारे सिंचाई जल-बचत कैलकुलेटर से देखें।
प्रमुख रोग और कीट
- गुलाबी सुंडी (Pink bollworm) — टिंडा बनने की अवस्था में सबसे ज्यादा नुकसान करती है। फेरोमोन ट्रैप की गिनती और डिग्री-डे डेटा मिलाकर छिड़काव का सही समय निकलता है।
- जीवाणु झुलसा (Bacterial blight) — गर्म और गीले मौसम में फैलता है। नमी के रिकॉर्ड संक्रमण की घटनाओं की पहचान करते हैं।
स्मार्ट सेंसर कैसे मदद करते हैं
खेत में लगे सेंसर नोड मिट्टी की नमी, तापमान और सूक्ष्म-जलवायु को हर घंटे मापते हैं और LoRaWAN नेटवर्क से — बिना इंटरनेट और बिना सिम कार्ड के — 2–15 किमी दूर गेटवे तक भेजते हैं। Edge AI गेटवे इंटरनेट न होने पर भी डेटा प्रोसेस करता रहता है, इसलिए गांव में नेटवर्क की समस्या से डेटा नहीं रुकता। यही सिस्टम VarshaKrishi छोटे किसानों, FPO और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के लिए किफायती रूप में बनाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कपास कब बोयें?
सिंचित क्षेत्रों में अप्रैल–मई और वर्षा आधारित क्षेत्रों में मानसून की शुरुआत (जून) के साथ बुवाई होती है। मिट्टी का तापमान 18°C से ऊपर होना चाहिए।
कपास को कितने पानी की जरूरत होती है?
कपास को मौसम में लगभग 700 मिमी पानी चाहिए। फूल-टिंडा अवस्था (बुवाई के 60–120 दिन) में नमी का तनाव सबसे नुकसानदेह है — इसी दौरान सेंसर-आधारित सिंचाई सबसे ज्यादा फायदा देती है।
कपास की खेती में सेंसर से क्या फायदा है?
डिग्री-डे ट्रैकिंग गुलाबी सुंडी के जीवन-चक्र की भविष्यवाणी करती है, नमी सेंसर सिंचाई का समय बताते हैं, और उमस का डेटा झुलसा रोगों की चेतावनी देता है।
अंग्रेज़ी में विस्तृत तकनीकी गाइड पढ़ें: Cotton Smart Farming Guide · अपने खेत के लिए अनुमानित बचत देखें: फार्म ROI एस्टिमेटर